बर्फ वाली शाम

#lovepoetry,#myfeelings, बर्फ वाली शाम थी वह, जब वह मुझे मिला था पहली बार, ना! मिला नहीं था, देखा था उसे, पहाड़ों के पीछे से आता दिखा था मुझे, चरवाहों से बातें करते देखा अपना सा लगा था, फिर दो तीन मुलाकातों में लगा बिलकुल अलग सा था वो, वो अकसर कहा करता था, कि मुझेContinue reading “बर्फ वाली शाम”

ये युग

#truth, #myfeelings नाम नहीं लूँगी इस युग का कोई, ये वो युग है जब तुम्हारी वेदना की तपिश में हाथ सेंकेगे लोग । ये वो युग है जब तुम्हारे बनते तमाशे को चलचित्र की तरह देखेंगे लोग, नाम नहीं लूँगी इस युग का कोई ये वो युग है जहाँ प्रेम में छिपा हुआ है स्वार्थ,Continue reading “ये युग”

मैं अकेली हूँ

#lovepoetry ,#myfeelings, मैं अकेली हूँ बहुत अकेली बस तुम हाथ बढ़ाना ,ज्यादा नहीं सुन लेना दो चार बातें मेरी और कुछ कह लेना। आत्मोथान जरूरी है और विकास भी, पर उसका क्या जो आत्मा हीं मरने तुल्य हो, जरूरत है कि कोई इसे सीचे फिर भी कोई ना मिले, तुम मुझे मिलो बस एक बारContinue reading “मैं अकेली हूँ”

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