आकलन #lovepoetry,

देखा था कल रात भी मैंने शायद कुछ ढूँढ रहे थे तुम , मेरी बातों में मेरी आँखों में, हाँ मुझे पता है कि तुम ढूँढ रहे थे अपनी ही गलतियाँ, तुम तलाश रहे थे खुद को कि तुम कहाँ हो, हाँ तुम नहीं थे मेरी बातों में, शिकायतें भी नहीं थी, मैंने नहीं कहाContinue reading “आकलन #lovepoetry,”

खवाबों के घोंसले

#lovepoetry मेरे खवाबों के घोंसले जीर्ण शीर्ण ना हो, इसलिए मैंने तुम्हारे साथ बीते लम्हों की यादों के तिनकों से उन्हें सुरक्षित रखा है, सील कर दिये हैं सारे दरवाजे भी मैं ने, कोई क्षति ना होने पाए उन खवाबों को ऐसा ध्यान रखती हूँ ।

बर्फ वाली शाम

#lovepoetry,#myfeelings, बर्फ वाली शाम थी वह, जब वह मुझे मिला था पहली बार, ना! मिला नहीं था, देखा था उसे, पहाड़ों के पीछे से आता दिखा था मुझे, चरवाहों से बातें करते देखा अपना सा लगा था, फिर दो तीन मुलाकातों में लगा बिलकुल अलग सा था वो, वो अकसर कहा करता था, कि मुझेContinue reading “बर्फ वाली शाम”

आत्मा का टुकड़ा

तुम्हारा नाम लिख डाला था मैंने बादलों के छोटे-छोटे टुकड़ों पर, जानते हो फिर बारिश हुई! बारिश की हर एक बूँद पर तुम्हारा हीं नाम था, और मैंने देखा कि वो बूँदें सींच रही थी मेरी साँसों को, सुनो तुम कभी उदास मत होना, मेरी” आत्मा का एक टुकड़ा “तुम्हारे हीं पास रहता है, मेरेContinue reading “आत्मा का टुकड़ा”

मेरी अपेक्षा तुमसे ❤♥️

#lovepoetry, अपेक्षा है कि अपने कुछ घंटों के, मिनट में से कुछ पल तुम मुझे देना, याद रहे कि वे मिनट सिर्फ मेरे होंगे, हाँ सिर्फ मेरे, अबकी बार इजाजत नहीं है किसी और को, हाँ ताकि मेरे जज्बातो के पंछी को पंख लग सके, और वो तुम्हारे मन के खवाबों का कोई एक तिनकाContinue reading “मेरी अपेक्षा तुमसे ❤♥️”

तभी तुम मेरे हो ♥️

#lovepoetry ,#myfeelings#mythoughts, ढाँढस मत बँधाओ मुझे कि तुम तो मेरे हो कि तुम मेरे पास हो मेरे नजदीक हो,झूठा संतोष मत दो मुझे, मंजूर नहीं है झूठा भरोसा तुम्हारा, तुम करीब रहो मेरे हर पल तभी तुम मेरे हो, उदासी में तुम्हारे कंधे हो तभी तुम मेरे हो , तुम्हारा हर्ष हो मेरे उत्साह मेंContinue reading “तभी तुम मेरे हो ♥️”

मैं अकेली हूँ

#lovepoetry ,#myfeelings, मैं अकेली हूँ बहुत अकेली बस तुम हाथ बढ़ाना ,ज्यादा नहीं सुन लेना दो चार बातें मेरी और कुछ कह लेना। आत्मोथान जरूरी है और विकास भी, पर उसका क्या जो आत्मा हीं मरने तुल्य हो, जरूरत है कि कोई इसे सीचे फिर भी कोई ना मिले, तुम मुझे मिलो बस एक बारContinue reading “मैं अकेली हूँ”

नि:शब्द

#hiddenfeelings, #lovepoetry,#love, अपनी नि:शब्दता को विराम दो, कुछ अल्फाज़ कह डालो या पन्ने पर उतार दो । मौन तुम्हारा कचोटता है मुझे, अब हृदय को आराम दो । हृदयपटल पर प्रेम अंकित है तो हृदयानुभूति को आकार दो , बंद है संगीत प्रेम का अब तो मलहार दो , अब प्रेम को विस्तार दो, अबContinue reading “नि:शब्द”

Create your website at WordPress.com
Get started