Let me live..

#Anger

Anger is biggest problem of youth

Hey! my enemy, my anger

I know u will destroy me!

I wanna leave you,

I wanna beat you,

See! see! Please don’t come,

I know you don’t want to see me happy,

I know you don’t want to see me smile,

Hey! My high pitch,

I know you are the best friend of my enemy,

Just leave me!

Let me smile!

Let me live!

Let me live in peace,

Let me achieve success,

I know you will hide my all goodness,

You will destroy my bright side?

Please forgive me let me, live .

वहम

#hiddenfeelings,#myfeelings#mythoughts,

कुछ तो है भीतर मेरे जो बाह्य नहीं है,

कुछ है जो सोया है यूँ ही अंदर, किसी और ने तो नहीं, मैंने हीं बाँधा हुआ है खुदको खुद से ही अंदर, और ये वहम जो एकांत का है एकांत नहीं ये एकांत क्या है जब कोई पास था हीं नहीं,,एकांत हीं सत्य है यूँ ही शाँत है बाह्य प्रतिमूर्ति मेरी, यह भी वहम, मन तो उङ रहा है आकाश में परिंदो की भाँति,,फिर भी सत्य है कि यूँ ही तकती हूँ बैठी हूँ जमीन तकती हुइ।।

स्री

सिसक उठती हूँ अकेले में कभी सोचकर

क्या गलती थी उसकी जिसे यूँ ही नोचा गया,

हूँ बिलख उठती यह सोचकर कि कयों स्री हीं निशाना है हर बार,

सोचो जो प्रेम गीत लिखती थी स्वछन्द उङाने कल्पना में भरती थी

जब भी चाहा पसारना पंख कयों उसे क़ैद किया गया स्त्री मरयादा है तो कयों तङपायी गयी?

इच्छापूरक की इच्छा कयों दबायी गयी,?

सम्मान की जगह भावनात्मक ठेस पहुंचायी गयी, तङप उठती हूँ मैं यह सोचकर स्त्री कितनी भी स्वाभिमानी हो हमेशा स्त्री हीं रूलायी गयी ।

मैं चाहती हूँ

#myfeelings#mythoughts,

मैं चाहती हूँ कि ना उकेरू कुछ छंद अपने प्रियतम के लिए, ना ही बयान करनी है मुझे प्रेम मंशा, चाहती हूँ लिखना उस रूह के लिए जो हवस की भूख का निवाला बनी, मैं चाहती हूँ लिखना उस रईसों के भंडारों को कि अकाल मृत्यु भी होती है कहीं ।लिखना चाहती हूँ बेईमान राजनीतिक दलों को कि मत करो बरबाद देश हमारा, मैं चाहती हूँ लिखना उनके लिए जो देश हित को हमसे दूर हुए, नहीं बनना है मुझे वरिष्ठ लेखिका ना शोहरत का लालच है, मेरे शब्द संदेश बने मैं चाहती हूँ ।

जिंदगी तुम

#life ,#love,#myfeelings#mythoughts,

आसान नहीं था समझना तुम्हें

फिर भी तुम्हें समझ रही हूँ,

तुम में हीं सुलझा रही हूँ तुम्हें,

तुमने खुशी भी दी है और रुलाया भी है,

कभी -कभी रहस्य लगीं मुझे तुम तो कभी तुम वरदान लगी,तुम मिली हो मुझे समझ रही हूँ तुम्हें, देखो तुम कभी कैसी हो तो तुम कभी कैसी हो,कभी तो तुम खुश होती हो, कभी तो तुम रूठ जाती हो,

बहुत प्यारी हो, पता है जो भी हो समझ रही हूँ तुम्हें,

कयोंकि मुझे पता है, कि कैसे भी मुझे तुम्हें जीना होगा जिंदगी, तुम जिंदगी हो ना कोई जिंदगी से मुह कैसे मोङे।

सिर्फ तुमसे कृष्ण

(कृष्ण के लिए मेरे हृदय में प्रेम तरूणावस्था से रहा है,,,,)

मैंने बहुत ढूँढा तुम्हें जाने कहाँ कहाँ

ढूँढा तुम्हें तारों के टिमटिमाते प्रकाश में, चंद्रमा की दूधिया रोशनी में पर तुम नहीं मिले,

कहीं नहीं था तुम्हारा आस्तित्व,

मैंने बहुत ढूँढा तुम्हें जाने कहाँ कहाँ ढूँढा तुम्हें सुगंधमयी फूलों में, अपनी हर तान हर सुरों में,

पर तुम नहीं मिले कहीं नहीं था तुम्हारा आस्तित्व, तभी जैसे दिल सोकर जागा था, महसूस किया कि तुम तो मेरे दिल में हो मेरे रग- रग में हो ,मेरे रोम- रोम में हो जरूरत थी महसूस करने की, जो आज हुआ है, मुझे तुमसे तुमसे सिर्फ तुमसे कृष्णा प्यार हुआ है ।

_आराधना सिंह

Self love

अपने आप को खोना हीं सबसे बड़ा दोष है ।तभी तुम खो देते हो वह सब भी जो तुम्हें प्रिय है, तुम रोते जाते हो आँसू बहाए जाते हो,किसी वस्तु के लिए, पर सच तो यह है कि तुमने खोया है सिर्फ और सिर्फ खुद को ।तभी यह अंजाम मिला है तुम्हें, पहले खुद से प्यार करें खुद को पा लें,,फिर तुम वह सब पा लोगे जो तुम्हें प्रिय है ।

एक आत्मा भावना उकेरने वाली,,

बारिश को कई देर तक देखा करती थी, वो निर्विकार, चुपचाप,

बैठी रहती कई देर तक,

ना जाने कयों शायद किसी मंथन में

उसकी बातें सिर्फ वो हीं जान सकती थी

उसकी भावना भी, और शायद उसकी डायरी, उसकी डायरी में उसकी सारी बातें उकेरी होती थी, आदतन अपनी बातें भावनाए वो उकेरती थी कागज पर ।

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