नि:शब्द

#hiddenfeelings, #lovepoetry,#love, अपनी नि:शब्दता को विराम दो, कुछ अल्फाज़ कह डालो या पन्ने पर उतार दो । मौन तुम्हारा कचोटता है मुझे, अब हृदय को आराम दो । हृदयपटल पर प्रेम अंकित है तो हृदयानुभूति को आकार दो , बंद है संगीत प्रेम का अब तो मलहार दो , अब प्रेम को विस्तार दो, अबContinue reading “नि:शब्द”

जिंदगी तुम

#life ,#love,#myfeelings#mythoughts, आसान नहीं था समझना तुम्हें फिर भी तुम्हें समझ रही हूँ, तुम में हीं सुलझा रही हूँ तुम्हें, तुमने खुशी भी दी है और रुलाया भी है, कभी -कभी रहस्य लगीं मुझे तुम तो कभी तुम वरदान लगी,तुम मिली हो मुझे समझ रही हूँ तुम्हें, देखो तुम कभी कैसी हो तो तुम कभीContinue reading “जिंदगी तुम”

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