नि:शब्द

#hiddenfeelings, #lovepoetry,#love, अपनी नि:शब्दता को विराम दो, कुछ अल्फाज़ कह डालो या पन्ने पर उतार दो । मौन तुम्हारा कचोटता है मुझे, अब हृदय को आराम दो । हृदयपटल पर प्रेम अंकित है तो हृदयानुभूति को आकार दो , बंद है संगीत प्रेम का अब तो मलहार दो , अब प्रेम को विस्तार दो, अबContinue reading “नि:शब्द”

सलाइयाँ धैर्य की

सलाइयाँ ली थी मैंने धैर्य की, और धागे लिए थे, विश्वास के,फिर बुनती रही, वक्त बेवक्त, ना जाने कब, कैसे, कयों ये सलाइयाँ मिली, ना जाने कब कैसे धागे मिले, विश्वास के, मुश्किलों को नजरअंदाज कर मैं बुनती रही, विश्वास के धागे से शाँत मैं बुनती रही, क्या बात थी कि सलाइयाँ कभी कमज़ोर नाContinue reading “सलाइयाँ धैर्य की”

वहम

#hiddenfeelings,#myfeelings#mythoughts, कुछ तो है भीतर मेरे जो बाह्य नहीं है, कुछ है जो सोया है यूँ ही अंदर, किसी और ने तो नहीं, मैंने हीं बाँधा हुआ है खुदको खुद से ही अंदर, और ये वहम जो एकांत का है एकांत नहीं ये एकांत क्या है जब कोई पास था हीं नहीं,,एकांत हीं सत्य हैContinue reading “वहम”

स्री

सिसक उठती हूँ अकेले में कभी सोचकर क्या गलती थी उसकी जिसे यूँ ही नोचा गया, हूँ बिलख उठती यह सोचकर कि कयों स्री हीं निशाना है हर बार, सोचो जो प्रेम गीत लिखती थी स्वछन्द उङाने कल्पना में भरती थी जब भी चाहा पसारना पंख कयों उसे क़ैद किया गया स्त्री मरयादा है तोContinue reading “स्री”

मैं चाहती हूँ

#myfeelings#mythoughts, मैं चाहती हूँ कि ना उकेरू कुछ छंद अपने प्रियतम के लिए, ना ही बयान करनी है मुझे प्रेम मंशा, चाहती हूँ लिखना उस रूह के लिए जो हवस की भूख का निवाला बनी, मैं चाहती हूँ लिखना उस रईसों के भंडारों को कि अकाल मृत्यु भी होती है कहीं ।लिखना चाहती हूँ बेईमानContinue reading “मैं चाहती हूँ”

जिंदगी तुम

#life ,#love,#myfeelings#mythoughts, आसान नहीं था समझना तुम्हें फिर भी तुम्हें समझ रही हूँ, तुम में हीं सुलझा रही हूँ तुम्हें, तुमने खुशी भी दी है और रुलाया भी है, कभी -कभी रहस्य लगीं मुझे तुम तो कभी तुम वरदान लगी,तुम मिली हो मुझे समझ रही हूँ तुम्हें, देखो तुम कभी कैसी हो तो तुम कभीContinue reading “जिंदगी तुम”

सिर्फ तुमसे कृष्ण

(कृष्ण के लिए मेरे हृदय में प्रेम तरूणावस्था से रहा है,,,,) मैंने बहुत ढूँढा तुम्हें जाने कहाँ कहाँ ढूँढा तुम्हें तारों के टिमटिमाते प्रकाश में, चंद्रमा की दूधिया रोशनी में पर तुम नहीं मिले, कहीं नहीं था तुम्हारा आस्तित्व, मैंने बहुत ढूँढा तुम्हें जाने कहाँ कहाँ ढूँढा तुम्हें सुगंधमयी फूलों में, अपनी हर तान हरContinue reading “सिर्फ तुमसे कृष्ण”

Self love

अपने आप को खोना हीं सबसे बड़ा दोष है ।तभी तुम खो देते हो वह सब भी जो तुम्हें प्रिय है, तुम रोते जाते हो आँसू बहाए जाते हो,किसी वस्तु के लिए, पर सच तो यह है कि तुमने खोया है सिर्फ और सिर्फ खुद को ।तभी यह अंजाम मिला है तुम्हें, पहले खुद सेContinue reading “Self love”

एक आत्मा भावना उकेरने वाली,,

बारिश को कई देर तक देखा करती थी, वो निर्विकार, चुपचाप, बैठी रहती कई देर तक, ना जाने कयों शायद किसी मंथन में उसकी बातें सिर्फ वो हीं जान सकती थी उसकी भावना भी, और शायद उसकी डायरी, उसकी डायरी में उसकी सारी बातें उकेरी होती थी, आदतन अपनी बातें भावनाए वो उकेरती थी कागजContinue reading “एक आत्मा भावना उकेरने वाली,,”

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