#love poetry #my blog#unconditional love
तुमसे दूर होकर,कभी नींद नहीं आई मुझको,
आई भी तो तुम भीतर करवटें बदलते रहे,
मेरी डायरी का अहम् हिस्सा हो तुम,
जब भी लिखना चाहा पन्नो में शब्द बनकर तुम हीं उभरते रहे,
आत्मनिर्भरता भी मेरी निर्भर रही तुम पर हीं,
हमेशा तुम साथ चलते रहे,
मेरे आँसू और तुम्हारे भी थे,
जब मुस्कुराई तुम अंदर हँसते रहे,
जब खामोश रही तुम अंदर बातें करते रहे ।

सुंदर सृजन 👌
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धन्यवाद 😊
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