#truth, #myfeelings
नाम नहीं लूँगी इस युग का कोई,
ये वो युग है जब तुम्हारी वेदना की तपिश में हाथ सेंकेगे लोग ।
ये वो युग है जब तुम्हारे बनते तमाशे को चलचित्र की तरह देखेंगे लोग,
नाम नहीं लूँगी इस युग का कोई ये वो युग है जहाँ प्रेम में छिपा हुआ है स्वार्थ,
शोहरत में मिलेंगे हजारों हाथ तुम्हें,
वही हाथ पल भर में नकार देंगे ।
सत्य की औकात ही क्या है
सौ असत्य दानवी रूप दिखा देंगे ,
ये वो युग है जब तुम्हारी वेदना की तपिश में हाथ सेंकेगे,
लोग ये वो युग है जब तुम्हारे बनते तमाशे को चलचित्र की तरह देखेंगे लोग ।
सत्य कथन,हृदय स्पर्शी।
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