#lovepoetry #rain #repost बारिश के नाम से ही खिलखिला पङती थी, क्या तुम्हें भींगना पसंद है? हमेशा पूछती,चलो ना भींगते हैं, कितना प्यारा था उसका बारिश में भींगना और उसका बारिश को महसूस कर सकना, हाँ उसका महसूस करना थोङा अलग सा था , कुछ ऐसा जैसे वो बारिश की हर बूंद को जानती थी,Continue reading “वो और बारिश”