वहम

#hiddenfeelings,#myfeelings#mythoughts, कुछ तो है भीतर मेरे जो बाह्य नहीं है, कुछ है जो सोया है यूँ ही अंदर, किसी और ने तो नहीं, मैंने हीं बाँधा हुआ है खुदको खुद से ही अंदर, और ये वहम जो एकांत का है एकांत नहीं ये एकांत क्या है जब कोई पास था हीं नहीं,,एकांत हीं सत्य हैContinue reading “वहम”

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