कर्म

#karmas

कर्मभूमि है कर्मक्षेत्र है,

तुम कर्मपथ पर चलना,

जो किया सो किया कर्म का विशलेषण मत करना,

यही अर्थ है जिंदगी का यही गीता का सार है,

कर्म से ही तो चल रहा संसार है,

शुद्धता विचारों में,

विनम्रता व्यवहार में रख कर,

अहंकार का त्याग करना,

नररूपी नारायण की हीं तुम पूजा करना,

पंचतत्व से बने हो,

पंचतत्व में विलीन हो जाओगे,

क्या संजोकर चलते हो,

खाली हाथ ही जाओगे,

यही कटु सत्य है यही जीवन का आधार है ।

Published by Aradhana Singh

Poet by heart by soul

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