अपने आप को खोना हीं सबसे बड़ा दोष है ।तभी तुम खो देते हो वह सब भी जो तुम्हें प्रिय है, तुम रोते जाते हो आँसू बहाए जाते हो,किसी वस्तु के लिए, पर सच तो यह है कि तुमने खोया है सिर्फ और सिर्फ खुद को ।तभी यह अंजाम मिला है तुम्हें, पहले खुद से प्यार करें खुद को पा लें,,फिर तुम वह सब पा लोगे जो तुम्हें प्रिय है ।